सहरसा जिले के समपार संख्या 105 स्थित हटिया गांछी ढाला पर सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक अज्ञात 65 वर्षीय बुजुर्ग की वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मृतक का शव करीब 30 से 40 फीट दूर तक बिखर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 6 बजकर 36 मिनट पर बैजनाथपुर से पटना की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 26301) जैसे ही हटिया गांछी ढाला पर पहुँची, तभी बुजुर्ग अचानक पटरियों पर आ गए और ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण चालक को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिल पाया और देखते ही देखते घटना घट गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह से ही उस बुजुर्ग को ढाला के समीप बैठे देखा गया था। चाय दुकान चलाने वाले लोगों ने कहा कि वह काफी देर तक वहीं पर मौजूद थे। घटना के बाद घटनास्थल से उनकी लाठी और चप्पल भी बरामद हुई है। हालांकि, वह अचानक पटरियों पर कैसे पहुँचे और हादसा कैसे हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और सदर थाना की टीम मौके पर पहुँची। सहायक उप निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि लगभग 7 बजकर 30 मिनट पर शव को उठाकर ट्रैक को क्लियर कराया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और इस दिशा में प्रयास जारी है।
इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और अफरातफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों में चर्चा रही कि बुजुर्ग काफी देर से ढाला पर मौजूद थे, लेकिन यह किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाएगी।
रेलवे पुलिस ने स्थानीय लोगों से मृतक की पहचान कराने की अपील की है। वहीं, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह हादसा महज दुर्घटना थी या फिर किसी कारणवश बुजुर्ग ने खुद को ट्रेन के सामने ला दिया।
गौरतलब है कि हटिया गांछी ढाला सहित जिले के कई समपारों पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। तेज रफ्तार गाड़ियों और पटरियों के आसपास लापरवाही से घूमने वालों की वजह से ऐसी घटनाएँ लगातार सामने आती रहती हैं। सोमवार को हुई यह घटना भी इसी कड़ी का हिस्सा बन गई।
फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों एवं गांवों में सूचना भेज रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम रूप से स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने न केवल इलाके को दहला दिया है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर किया है कि आखिर रेलवे ट्रैक और समपार पर सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता हैं।
