“बिहार चुनाव से पहले RJD को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री अर्जुन राय ने छोड़ी पार्टी, आज थामेंगे BJP का दामन”


बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और सीतामढ़ी के पूर्व सांसद अर्जुन राय ने राजद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि राजद अब अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है। उन्होंने ऐलान किया कि सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे।


मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अर्जुन राय ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल अब लालू प्रसाद यादव की मूल नीतियों और सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। उनका आरोप था कि वर्तमान नेतृत्व ने पार्टी की वैचारिक दिशा बदल दी है, जिसके कारण उन्होंने राजद छोड़ने का निर्णय लिया।

अर्जुन राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्र सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और बिहार भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है। उनका कहना था कि देश और बिहार के विकास को प्राथमिकता देते हुए वे अब भाजपा के साथ मिलकर काम करेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के कई फैसलों की सराहना की। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने को उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय बताया। वहीं बिहार में प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार जनहित में लगातार महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले ले रही है।

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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अर्जुन राय का राजद छोड़कर भाजपा में जाना विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। खासकर उत्तर बिहार, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में इसका चुनावी असर देखने को मिल सकता है। यह बदलाव राजद और भाजपा दोनों के लिए चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अर्जुन राय बिहार की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिहार विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से की थी। बाद में औराई विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और बिहार सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। वे सीतामढ़ी से सांसद भी रह चुके हैं और लंबे समय तक राजद के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती रही। अब भाजपा में उनकी एंट्री को लेकर बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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