सुल्तानगंज प्रखंड में पशुपालन विभाग के अंतर्गत कार्यरत पशु मैत्री एवं पशु टीकाकर्मियों ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण और अन्य पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रखंड पशु मैत्री संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से लंबे समय से पशु मैत्री एवं पशु टीकाकर्मियों का बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा नियमित मासिक मानदेय भी समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का टीकाकरण करने के दौरान कई बार प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार की ओर से किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती। ऐसे में कर्मियों को जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसी को देखते हुए तीन प्रमुख मांगों—बकाया मानदेय का भुगतान, नियमित मासिक मानदेय और टीकाकरण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था—को लेकर हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान पशु मैत्री एवं टीकाकर्मियों ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द स्वीकार करने की अपील की। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. प्राणेश कुमार को सौंपा। डॉ. कुमार ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को विभाग के माध्यम से सरकार तक भेजा जाएगा।
हड़ताल में पशु मैत्री अबद बिहारी शर्मा, जीवन कुमार, राजेश कुमार मंडल, विश्वजीत कुमार विजेता तथा पशु टीकाकर्मी धर्मेंद्र पासवान, महेश मंडल, ऐथेन्स कुमार, राजू कुमार, सोनू कुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
संवाददाता : रजनीश कुमार, भागलपुर






