भागलपुर जिले के सुल्तानगंज अंचल में लंबे समय से व्याप्त माफियाराज और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में जबरदस्त आक्रोश है। आरोप है कि अंचल में अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा, फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर मोटेशन, और दलालों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घोटाले किए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस नेटवर्क में न सिर्फ दलाल, बल्कि राजस्व विभाग के कर्मचारी, डीसीएलआर, एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। जन संसद भागलपुर के संयोजक अजीत कुमार यादव ने इस गंभीर मुद्दे पर आवाज़ उठाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि सुल्तानगंज अंचलाधिकारी को तुरंत निलंबित कर गिरफ्तारी की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवैध कार्यप्रणाली में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है, लेकिन जनता को न्याय मिलना चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दाखिल दरखास्त संख्या 5787 (1 जून 2018) के तहत भागलपुर शहर की जमीन को सुल्तानगंज की बताकर फर्जी मोटेशन किया गया। ऐसे दर्जनों मामले सामने आए हैं जिनमें रेलवे, पहाड़ी क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक भूमि को भी अवैध रूप से हस्तांतरित किया गया है।
जनता का आरोप है कि वर्षों से मुआवज़ा नहीं मिला और RTI के जवाब भी नहीं दिए जाते। वर्तमान अंचलाधिकारी को भ्रष्टाचार की जड़ बताया जा रहा है, जो छह साल से अधिक समय से पद पर बने हुए हैं। जनता ने जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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