पटना साहिब से सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद 25 मई से 7 जून तक यूरोप के छह देशों—फ्रांस, इटली, डेनमार्क, इंग्लैंड, बेल्जियम और जर्मनी—के दौरे पर रहेंगे। वे भारत के बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस महत्वपूर्ण विदेश यात्रा को लेकर श्री प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट की है, जिन्होंने उन्हें इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अवसर दिया।

श्री प्रसाद ने कहा कि यह केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे बिहार और भारत के लिए गर्व की बात है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की संसद और लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुरक्षा चिंताओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना भी है।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की चर्चा करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि भारत शांति, सहअस्तित्व और सद्भाव में विश्वास रखता है, लेकिन अगर कोई आतंकवादी निर्दोष नागरिकों पर हमला करता है, तो उसका करारा और निर्णायक उत्तर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत की पहचान है—एक ऐसा भारत जो आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख अपनाता है और किसी भी तरह के परमाणु ताकत के ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करता।

उन्होंने आगे कहा, “हम यूरोप के अपने मित्र देशों को बताएंगे कि भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी न समझा जाए। हमने यह सिद्ध किया है कि जब आवश्यकता हो, तो हम अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाते हैं। भारत आज आत्मनिर्भर है, सामरिक दृष्टि से सक्षम है और वैश्विक पटल पर अपनी स्वतंत्र नीति के लिए जाना जाता है।”

यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल यूरोपीय देशों के सांसदों, राजनीतिक नेताओं, नीति निर्माताओं और प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों से भेंट करेगा। इस दौरान भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों की भी जानकारी साझा की जाएगी। श्री प्रसाद ने कहा कि वे भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और विकास यात्रा को दुनिया के सामने रखने का प्रयास करेंगे।

रविशंकर प्रसाद के अनुसार, भारत और यूरोप के संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से गहरे रहे हैं, लेकिन आज का भारत आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक रूप से बहुत आगे बढ़ चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह दौरा भारत और यूरोप के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ेगा और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।

यात्रा के अंत में श्री प्रसाद ने कहा कि “भारत की कहानी अब विकास, दृढ़ता और आत्मनिर्भरता की है। हम आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाना चाहते हैं कि भारत अपने मूल्यों से समझौता नहीं करता, लेकिन हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहता है।”

यह दौरा निश्चित रूप से भारत की विदेश नीति, सुरक्षा दृष्टिकोण और वैश्विक सहभागिता को एक नया आयाम देगा। रविशंकर प्रसाद का यह नेतृत्व न केवल भारत की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बुलंद करेगा, बल्कि एक सशक्त और आत्मविश्वासी भारत की छवि को भी मजबूती प्रदान करेगा।

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