भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित काशील गांव के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यहां नवस्थापित डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर उन्होंने भागलपुर से ही राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों का भी लोकार्पण किया। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
काशील गांव के इस शिक्षण संस्थान में अब तक इंटरमीडिएट स्तर तक ही पढ़ाई होती थी, लेकिन अब यहां स्नातक की पढ़ाई भी शुरू हो गई है। इससे गोराडीह और आसपास के गांवों के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए भागलपुर या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही स्नातक की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को समय और आर्थिक दोनों तरह की राहत मिलेगी।
कॉलेज के उद्घाटन को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि इंटरमीडिएट के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए उन्हें लगभग 30 किलोमीटर दूर शहर जाना पड़ता था। लंबी दूरी तय करने के कारण समय, किराया और सुरक्षा जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब गांव में ही डिग्री कॉलेज शुरू होने से उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी।
छात्राओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
स्थानीय लोगों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज खुलने से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा।





