भागलपुर सावन के महीने में श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर 105 किलोमीटर की दुरी पैदल तय कर भोलेनाथ को जल अर्पण करते हैं. लेकिन झारखंड कोडरमा की रहने वाली कुसुम अब तक 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर सुल्तानगंज पहुंची हैं

और यहां से गंगाजल भरकर पैदल देवघर के जा रही हैं. कुसुम अपने साथ कान्हा जी को भी लेकर साथ चल रही है. कुसुम श्याम की दीवानी है लेकिन भोलेनाथ पर भी अटूट श्रद्धा है. कुसुम ककना है कि भगवान भोलेनाथ और कान्हा जी दोनों अच्छे मित्र हैं इसलिए कान्हा जी को भोलेनाथ से मिलाने के लिए देवघर जा रही हूं.
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