देश के सभी चिकित्सकों को अब राज्य चिकित्सा परिषदों के साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) में पंजीकरण कराना होगा। देश में प्रैक्टिस करने के लिए डॉक्टरों को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) मिलेगी।
आंकड़ों को राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर में अद्यतन किया जाएगा। इसे एनएमसी की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा।
वेबसाइट पर चिकित्सक का नाम, पंजीकरण की तिथि एवं संख्या, कार्यस्थल, अतिरिक्त चिकित्सा योग्यता, विशेषता आदि का ब्योरा होगा।
कोई भी व्यक्ति जो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग कानून 2019 के तहत आयोजित राष्ट्रीय परीक्षा पास की हो, वह पंजीकरण के लिए पात्र होगा।
