अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव के तत्वाधान में अवर न्यायाधीश श्री अमित कुमार शर्मा एवम मुंसिफ शिल्पा प्रशांत मिश्रा के निर्देशन में पैनल अधिवक्ता श्री भावेश कुमार सिंह और पीएलवी श्रीमती सविता कुमारी और अभिषेक मिश्रा ने नगर पंचायत के वार्ड नंबर 11 स्थित काली घाट परिसर में गरीबी उन्मूलन अभियान विषय पर दी जानकारी।


अधिवक्ता भावेश सिंह ने बताया की नालसा कार्य योजना अंतर्गत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का दायित्व है कि वो लोगों के बीच विधिक जागरूकता एवं विधिक साक्षरता फैलाने के विषय में उचित उपाय करे एवं विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को समाज कल्याण अधिनियमों एवं अन्य विधियों व साथ ही साथ प्रशासनिक कार्यक्रम एवं उपायों के अंतर्गत दिए गए अधिकार, लाभ एवं विशेषाधिकार के विषय में जागरूक करें।

विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की भूमिका यह रेखांकित करती है कि विधिक सेवा संस्थाएं समाज के दुर्बल वर्ग से संबंध रखते है एवं उन पर ये सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अधिरोपित करती है कि किसी भी नागरिक को उसकी आर्थिक या अन्य असमर्थताओं के कारण न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रहे।

अधिकांश रूप से गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों के आशयित लाभार्थी व्यक्ति, सामजिक संरचना के सख्त अभाव एवं आर्थिक पिछड़ेपन एवं शोषण एवं सामाजिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक पद्धतियों , पक्षपात इत्यादि के कारणवश इनका लाभ नहीं ले पाते इसी सन्दर्भ में, विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका अति सक्रिय होनी चाहिए कि गरीबी उन्मूलन हेतु परिकल्पना किये गए उपाय, आशयित लाभार्थियों के ध्यान में लाया जाए। आगे अपने अंतिम चरणों तक उपस्थिति के कारणवश विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे गरीबी उन्मूलन उपायों तक पहुँच को सरल बनाने हेतु अत्यधिक उचित है।

इससे यह प्रतीत होता है कि यह योजना गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों की पहचान हेतु एक प्रक्रिया प्रस्तुत करती है एवं आशयित लाभार्थियों द्वारा ऐसे उपायों तक पहुँच को सरल बनाने हेतु पद्धति प्रदान करती है तथा इन प्रतिक्रियाओं के प्रभावी पुनरीक्षण का तरीका बताती है। इस योजना की कल्पना करते समय ये ख्याल है कि क्षेत्रीय भिन्नताएं एवं आवश्यकताएं हो सकतीं हैं जिसको विशेष रूप से विचार में रखा गया है एवं पर्याप्त लचीलापन रखा गया है कि स्थानीय विधिक सहायता प्राधिकरण अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इस राष्ट्रीय योजना को लागू कर सके। कार्यक्रम के प्रारंभ में पैनल अधिवक्ता द्वारा गरीबों से सम्बन्धित विधिक सेवाएं के संबध में उपस्थित लोगों से जुड़ी शंका का निदान किया गया और उनके मौलिक अधिकार एवम कर्तव्यों का पाठ भी पढ़ाया गया। कहलगांव विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष श्री विवेक खेतान ने कार्यक्रम को बहुत ही बेहतरीन और जनहित लोकहित में बताया,
मौके पर प्राधिकार के श्री मनीष पांडे ने बताया की अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय की ओर से इस प्रकार के कार्यक्रम संपन्न किया जा रहा है।

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