पृथ्वी, अंतरिक्ष, समुद्र और पूरा ब्रह्मांड कई रहस्यों से भरा है। इन सभी रहस्यों को सुलझाने के लिए वर्षों से कई शोध किए जा रहे हैं। ये सभी चौंकाने वाले तथ्य उजागर करते हैं।वर्तमान में, प्रशांत महासागर में समुद्री जीवन की 30 से अधिक नई प्रजातियों की खोज की गई है। उनका रंग, रूप और आकार अजीब है। यह समुद्र की गहराई में रहता है।
प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, लंदन में समुद्री अनुसंधान के दौरान नई प्रजातियों की खोज की गई। इस खोज में क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन के निचले भाग में पाई गई 48 प्रजातियों में से 39 वैज्ञानिकों के लिए अज्ञात थीं। जीवों को भी समुद्र तल से उठाया गया है, इसके बाद बारीकी से अध्ययन और आनुवंशिक विश्लेषण किया गया है।
इस खोज में स्टारफिश की एक नई प्रजाति समुद्र तल पर थकी-थकी पड़ी मिली। इसके अलावा समुद्री जीवन की नई प्रजातियों की भी खोज की गई। इसके अलावा जेलिफ़िश, कोरल और कुछ अकशेरूकीय भी पाए गए, जिन्हें पहले किसी ने नहीं देखा था।
इस खोज के दौरान कुछ परिचित जीव भी मिले। जैसे कि साइक्रोप्ट्स डिस्क्रिटा। इसे पहली बार 1920 में देखा गया था। 1870 के दशक में खोजे गए अन्य जीवों की भी खोज की गई थी।
इस शोध अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. ग्वाडालूप ब्रिबिस्का-कॉन्ट्रेरास का कहना है कि शोध न केवल यहां पाई जाने वाली नई प्रजातियों के कारण महत्वपूर्ण है, बल्कि इसलिए भी कि इस मेगाफौना के नमूनों का अध्ययन केवल तस्वीरों के माध्यम से किया गया है। वहीं, रोबोटिक पंजों से लैस रिमोट कंट्रोल वाली मशीन की मदद से वैज्ञानिक भी जीवों को पकड़ने में सफल रहे।
