पटना। श्रीराम कर्मभूमि न्यास के आजीवन न्यासी, पूर्व सांसद, प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्यमी स्व. रविन्द्र किशोर सिन्हा को 6 नवंबर 2026 को आयोजित न्यास के न्यासी मंडल की बैठक में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया। साथ ही परमपिता परमेश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की गई।
बैठक में न्यास की स्थापना से लेकर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के संचालन में स्व. सिन्हा के योगदान को याद किया गया। न्यास के सदस्यों ने कहा कि उनका समर्पण और सक्रिय सहभागिता संस्था के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
इस अवसर पर न्यास के संस्थापक न्यासी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के क्षेत्र में स्व. रविन्द्र किशोर सिन्हा की सक्रियता, समर्पण और असाधारण योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके द्वारा स्थापित सेवा, संस्कार और समर्पण के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा में न्यास के अध्यक्ष कृष्ण कांत ओझा, महासचिव अभिजीत कश्यप, उपाध्यक्ष रामबालक प्रसाद, कोषाध्यक्ष धनंजय चौबे, संयोजक अर्जित शाश्वत चौबे तथा न्यासी बिनोद ओझा और अरुण मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। सभी ने उनके व्यक्तित्व, सामाजिक कार्यों और योगदान को याद किया।
बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए न्यासी मंडल ने सर्वसम्मति से स्व. सिन्हा की धर्मपत्नी रीता किशोर सिन्हा को न्यास के संरक्षक मंडल का सदस्य बनाने का प्रस्ताव पारित किया। वहीं, उनके पुत्र ऋतुराज सिन्हा को न्यास का आजीवन न्यासी (विशेष आमंत्रित) बनाए जाने का निर्णय लिया गया।
न्यास के सदस्यों ने संकल्प लिया कि इस कठिन समय में संस्था शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। साथ ही स्व. सिन्हा के विचारों, सामाजिक योगदान और गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
न्यास ने कहा कि स्व. रविन्द्र किशोर सिन्हा की स्मृतियां और उनके सेवा कार्य सदैव संस्था के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।






