
गया: बिहार के गया में विकास मित्र शंकर मांझी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बंटी उर्फ राइडर, उसका भाई डाब उर्फ ओंकार और शक्ति कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से एक पिस्तौल और तीन कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, शंकर मांझी की हत्या दो लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
दरअसल, बीते 4 अक्टूबर को डेल्हा थाना क्षेत्र में विकास मित्र शंकर मांझी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह चर्च से लौट रहे थे, तभी अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस लगातार हत्याकांड की जांच में जुटी थी।
भाई की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई साजिश
गया के एसएसपी सुशील कुमार के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया जाता है कि बंटी उर्फ राइडर के भाई की पहले हत्या कर दी गई थी। उस मामले में शंकर मांझी भी अभियुक्त था। हालांकि, पुलिस की छानबीन में बाद में उनका नाम हटा दिया गया था। इसके बावजूद बंटी उर्फ राइडर को शक था कि उसके भाई की हत्या में शंकर मांझी की भूमिका थी।
इसी रंजिश में बंटी उर्फ राइडर ने गुरारू थाना क्षेत्र के रहने वाले शक्ति कुमार को शंकर मांझी की हत्या की सुपारी दी थी। इसके लिए दो लाख रुपये तय किए गए थे और एक लाख रुपये एडवांस भी दे दिए गए थे। इसके बाद योजना के मुताबिक हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य से खुला राज
एसएसपी ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद बंटी उर्फ राइडर, उसके भाई डाब उर्फ ओंकार और शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। गया पुलिस का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।





