बिहार के नवादा में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर गरीब और सीधे-साधे ग्रामीणों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी कभी आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने तो कभी सुकन्या योजना और कन्या विवाह योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने गांधी नगर मोहल्ले में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 19 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार-पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और विभिन्न सरकारी विभागों के जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले से 44 मामले दर्ज हैं।
दरअसल, मंगलवार को नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नवादा के सद्भावना चौक के समीप गांधी नगर मोहल्ले में एक व्यक्ति सरकारी नौकरी दिलाने और ऑनलाइन साइबर ठगी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। सूचना के बाद नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने कारी देवी के मकान के दूसरे तल पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को 19 एटीएम और डेबिट कार्ड, अलग-अलग नामों की बैंक पासबुक, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, यूपीआई क्यूआर कोड स्कैनर और फर्जी आधार-पैन कार्ड मिले। सचिन कुमार और शैलेश कुमार के नाम से दो पैन कार्ड भी बरामद हुए, जिन पर एक ही व्यक्ति की तस्वीर लगी थी। इसके अलावा सरकारी विभागों की नकली मुहर, लेटरहेड और आंगनबाड़ी की फर्जी उपस्थिति एवं निरीक्षण पंजी भी मिली।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी महंगे कपड़े पहनकर और किराये की लग्जरी गाड़ी से गांव-गांव पहुंचता था। खुद को सीडीपीओ की ओर से भेजा गया निरीक्षण अधिकारी बताकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का भरोसा जीतता था। इसके बाद आंगनबाड़ी में नौकरी, सुकन्या योजना, कन्या विवाह योजना और अनाथ बच्चों के ट्रस्ट में पंजीकरण कराने का झांसा देकर फर्जी आवेदन भरवाता और पैसे वसूलता था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शेखपुरा जिले के बादशाहपुर गांव निवासी 45 वर्षीय सचिन कुमार उर्फ शैलेश कुमार उर्फ संतोष कुमार के रूप में हुई है। वह नवादा के गांधी नगर में पहचान छिपाकर किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ शेखपुरा, पटना, नालंदा और नवादा समेत विभिन्न थानों में कुल 44 मामले दर्ज हैं।
फिलहाल आरोपी के बैंक खातों, फर्जी दस्तावेजों और पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





