गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां पासपोर्ट और वीजा के जरिए भारत आए 179 पाकिस्तानी नागरिकों के वापस लौटने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलने का दावा किया गया है। इस खुलासे के बाद बिहार से लेकर केंद्र तक सुरक्षा एजेंसियों में हलचल तेज हो गई है।
राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पाकिस्तान के रावलपिंडी से 179 नागरिक टूरिस्ट वीजा पर गोपालगंज आए थे, लेकिन उनके भारत से वापस जाने का कोई प्रमाण सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिला है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 1990 के बाद भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग समय पर कुल 179 पाकिस्तानी नागरिक वैध पासपोर्ट और वीजा के आधार पर गोपालगंज पहुंचे थे। लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी उनके वापस लौटने का रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये लोग फिलहाल कहां हैं और क्या वे भारत में ही रह रहे हैं?
NIA और खुफिया एजेंसियां सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA और अन्य संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं। स्थानीय प्रशासन भी पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहा है। वीजा जारी होने के दौरान दिए गए पते, रिश्तेदारों और संपर्क सूत्रों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि इन नागरिकों के ठिकाने और वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले ने पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं वीजा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है और इन नागरिकों के भारत में रहने के पीछे क्या वजह रही है।
फिलहाल, 179 पाकिस्तानी नागरिकों की वास्तविक स्थिति को लेकर जांच जारी है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं।






