
धनबाद जिले के उपायुक्त आदित्य रंजन ने मंगलवार को गोविंदपुर प्रखंड का औचक निरीक्षण कर विभिन्न विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान पंचायत भवन की साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्था देखकर उन्होंने संतोष जताया। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र में तैयार पोषण वाटिका की सराहना करते हुए बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में मिली कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी सन्नी राज, एसएसपी प्रभात कुमार, बीडीओ जहीर आलम और सीओ यशवंत कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने गोविंदपुर पंचायत भवन, डीएमएफटी फंड से निर्मित तालाब, आंगनबाड़ी केंद्र और मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं का निरीक्षण किया। पंचायत भवन की बेहतर साफ-सफाई, रखरखाव और सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर डीसी ने पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना की। उन्होंने गोविंदपुर पंचायत भवन को आईएसओ सर्टिफिकेशन की सूची में शामिल करने की बात कही। साथ ही प्रखंड की अन्य पंचायतों के मुखियाओं को भी इसी तरह बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके बाद उपायुक्त आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां सेविका की ओर से तैयार पोषण वाटिका का निरीक्षण किया। पोषण वाटिका में उगाई जा रही हरी सब्जियों और बच्चों की संतोषजनक उपस्थिति को देखकर उन्होंने खुशी जताई। इस दौरान डीसी बच्चों के बीच पहुंचे, उनसे बातचीत की और जमीन पर बैठकर उन्हें पढ़ाया भी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को उनकी मातृभाषा के अनुरूप शिक्षा देने से सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि मानदेय मिलने के बाद पंचायतों की व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान मनरेगा और अन्य विकास योजनाओं में कुछ कमियां सामने आई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, सभी पंचायत भवनों के मुख्य पटल पर संबंधित मुखियाओं के नाम की सूची प्रदर्शित करने को कहा गया। अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जनहित को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई करेगा। निरीक्षण का उद्देश्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।





