भागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में दरोगा योगेश कुमार की मौत का मामला अब परिजनों के अलग-अलग आरोपों के कारण चर्चा में है। मृतक के फूफा ने कार्यस्थल पर प्रताड़ना और तबादले के बावजूद विरमित नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मृतक की सौतेली मां ने उनकी पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, नवगछिया पुलिस लाइन स्थित कमरे में दरोगा योगेश कुमार मृत पाए गए थे। सूचना मिलने के बाद नवगछिया एसपी वैभव शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि करीब 10 दिन पहले ही योगेश कुमार को जमादार से दरोगा के पद पर पदोन्नति मिली थी।
**फूफा ने अधिकारियों पर लगाए आरोप**
मृतक के फूफा हेमंत कुमार शाह ने आरोप लगाया कि योगेश का करीब चार महीने पहले तबादला हो गया था, लेकिन उन्हें नवगछिया से विरमित नहीं किया जा रहा था। उनके मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान योगेश अधिकारियों के दबाव और प्रताड़ना की बात कहते थे। फूफा ने घटनास्थल की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
**मामा ने भी तनाव में रहने की कही बात**
मृतक के मामा लक्ष्मीकांत शाह ने बताया कि योगेश ने वर्ष 2019 में नवगछिया पुलिस जिले में जमादार के पद पर योगदान दिया था और तब से वहीं कार्यरत थे। मामा के अनुसार, पदोन्नति और तबादले से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर योगेश तनाव में रहते थे।
**सौतेली मां ने पत्नी पर लगाया आरोप**
दूसरी ओर, मृतक की सौतेली मां उर्वशी देवी ने उनकी पत्नी गुड़िया कुमारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि योगेश की शादी करीब चार महीने पहले स्वास्थ्य विभाग में स्टेनो के पद पर कार्यरत गुड़िया से हुई थी। उनके अनुसार, तीज के दिन गुड़िया योगेश के पास आई थीं और घटना से एक दिन पहले तक वहीं थीं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और पत्नी का पक्ष सामने आना बाकी है।
**जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह**
फिलहाल, दरोगा योगेश कुमार की मौत के पीछे की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल हैं। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।






