
गया: शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के बाद देशभर में कन्या पूजन की धूम रही। इसी कड़ी में बिहार के गया जी में सेवा भारती संस्था के बैनर तले 2100 कन्याओं का सामूहिक पूजन आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने नवदुर्गा के प्रतीक स्वरूप नौ कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया।
नारी शक्ति के सम्मान का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने कहा कि कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का सशक्त माध्यम भी है। इसके जरिए समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने का संदेश दिया जा सकता है। कन्याओं में मां दुर्गा का स्वरूप देखकर उनकी पूजा करना भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अधिकार, सुरक्षा और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराकर ही कन्या पूजन के वास्तविक उद्देश्य को सार्थक किया जा सकता है। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि देश के कई स्थानों पर भ्रमण करने के बावजूद उन्होंने कन्या पूजन का ऐसा अद्भुत स्वरूप नहीं देखा था।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि आज बेटियां विज्ञान, खेल, चिकित्सा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। ऐसे में उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
बेटियों को समान अवसर देना हमारा दायित्व
वहीं, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, यह सुनिश्चित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति की आराधना केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने व्यवहार और सामाजिक व्यवस्था में भी उतारना होगा।
गया जी में आयोजित इस सामूहिक कन्या पूजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ महिला सम्मान, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।




