जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत चापुड़िया पंचायत के जानूमडीह निवासी वरिष्ठ पत्रकार शिरोमणि यादव पिछले 34 वर्षों से अपने घर में कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। वर्ष 1992 से लगातार जारी उनकी यह धार्मिक परंपरा माता के प्रति अटूट आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक बनी हुई है। नवरात्र के अवसर पर उनकी भक्ति और पूजा-अर्चना क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को पत्रकार शिरोमणि यादव ने अपने घर में विधि-विधान और पूरे भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। कलश स्थापना के साथ शुरू हुई नौ दिवसीय पूजा के दौरान वे प्रतिदिन माता की आराधना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करते हैं।
### 1992 से लगातार निभा रहे हैं पूजा की परंपरा
पत्रकार शिरोमणि यादव ने वर्ष 1992 में अपने घर में कलश स्थापित कर नवरात्र पूजा की शुरुआत की थी। इसके बाद से हर वर्ष वे पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। तीन दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई है। उनकी यह साधना धार्मिक विश्वास और मां दुर्गा के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करती है।
### मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी मां दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। उन्हें शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के छठे दिन उनकी पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु माता से सुख-शांति, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में सफलता की कामना करते हैं।
### गांवों में भक्तिमय माहौल
नवरात्र को लेकर जानूमडीह, चापुड़िया, पालोजोड़ी सहित आसपास के गांवों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मंदिरों और घरों में पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं।
पत्रकार शिरोमणि यादव की 34 वर्षों से चली आ रही पूजा परंपरा क्षेत्र में निरंतर भक्ति और अटूट आस्था का उदाहरण बनी हुई है।





