नई दिल्ली में NSUI कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत के 24 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाते हुए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार रात संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। NSUI ने पुलिस पर शिकायत नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
दरअसल, NSUI का आरोप है कि 14 अक्टूबर को उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई थी। संगठन ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी कथित दुर्व्यवहार और प्रताड़ना किए जाने का आरोप लगाया है। NSUI के मुताबिक, कुछ महिला कार्यकर्ताओं को अंधेरे कमरे में ले जाकर प्रताड़ित किया गया। वहीं, अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने और जूते-बूटों से हमला किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
NSUI का कहना है कि घटना के बाद शिकायत देने के बावजूद 24 घंटे बीत जाने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी के विरोध में गुरुवार रात बड़ी संख्या में कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। सड़क पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले अतिरिक्त डीसीपी से भी मुलाकात की गई थी, लेकिन इसके बावजूद शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। जाखड़ ने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है और संगठन न्याय मिलने तक आवाज उठाता रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान CPI नेता एनी राजा और कांग्रेस सांसद जेबी माथेर भी मौजूद रहीं। विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। NSUI ने शुक्रवार को भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।








