रोहतास जिले के सासाराम में प्रसव के बाद एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मुआवजे और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बेदा स्थित पुरानी जीटी रोड पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान करीब दो घंटे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। मृतका की पहचान सासाराम सदर प्रखंड के वनरसिया गांव निवासी जोगिंदर बिंद की करीब 25 वर्षीय पुत्री निर्मला देवी के रूप में हुई है। उनके पति विकास प्रजापति दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर निर्मला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से स्थिति गंभीर होने पर उन्हें शहर के दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
मृतका की पहचान सासाराम सदर प्रखंड के वनरसिया गांव निवासी जोगिंदर बिंद की करीब 25 वर्षीय पुत्री निर्मला देवी के रूप में हुई है। उनके पति विकास प्रजापति दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर निर्मला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से स्थिति गंभीर होने पर उन्हें शहर के दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि निर्मला को सासाराम के साइनाथ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षित प्रसव का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, प्रसव के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता की हालत भी बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए बनारस ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही निर्मला की मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और संबंधित चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की।
हंगामे की सूचना पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर स्थिति नियंत्रित की। पुलिस के अनुसार, महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने बेदा के पास पुरानी जीटी रोड पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और महिलाएं भी सड़क पर बैठ गईं। अंचलाधिकारी और मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। सड़क जाम के कारण करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।
फिलहाल, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








