बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही ठगी से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जामताड़ा के बीएन हाई स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा एवं जामताड़ा पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके बताए गए।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के सचिव, साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास तथा साइबर अपराध थाना, जामताड़ा के पुलिस निरीक्षक-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर ठगी का कारण बन सकती है।
### डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन कर सकते हैं। वे गिरफ्तारी का डर दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे फोन आने पर घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
### पीड़ित सहायता योजना 2026 की दी जानकारी
कार्यक्रम में पीड़ित सहायता योजना 2026 के संबंध में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने विधिक सहायता और पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता के महत्व की जानकारी दी।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारियां अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
जामताड़ा पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सतर्क बनाना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
**संवाददाता: संतोष कुमार जामताड़ा**






