भागलपुर जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित ब्लिंकिट कार्यालय के डिलीवरी राइडर्स अपनी कमाई में लगातार हो रही कमी के विरोध में हड़ताल पर बैठ गए हैं। राइडर्स का आरोप है कि पिछले छह महीनों के दौरान कंपनी की ओर से मिलने वाले कमीशन में लगातार कटौती की गई है। इससे उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है और बढ़ते खर्चों के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
हड़ताल कर रहे डिलीवरी राइडर्स के अनुसार, पहले तीन किलोमीटर तक की डिलीवरी करने पर उन्हें 35 से 36 रुपये तक मिलते थे। लेकिन अब यह राशि घटकर महज 24 से 25 रुपये रह गई है। राइडर्स का कहना है कि कमीशन में इस कटौती के कारण उनकी दैनिक कमाई में गिरावट आई है, जबकि काम के घंटे और जिम्मेदारियां पहले की तरह ही बनी हुई हैं।
राइडर्स ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन करीब 16 घंटे तक काम करना पड़ता है। इसके बावजूद अब दिनभर में लगभग 700 से 800 रुपये ही कमाई हो पा रही है। इस आमदनी में से पेट्रोल, बाइक के रखरखाव और अन्य जरूरी खर्चों का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में उनके हाथ में बचने वाली रकम काफी कम रह जाती है।
प्रदर्शन कर रहे राइडर्स की मांग है कि कंपनी अपने तय मानकों के अनुसार मजदूरी और डिलीवरी कमीशन में सुधार करे, ताकि उन्हें मेहनत के अनुरूप भुगतान मिल सके। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
इधर, राइडर्स की हड़ताल का असर ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। डिलीवरी में देरी होने के कारण ग्राहकों के ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल हो रहे हैं। इससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इलाके में डिलीवरी सेवा प्रभावित हो रही है।
वहीं, टीम लीडर शंभू शंकर ने बताया कि वे केंद्रीय स्तर से अपडेट आने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कमीशन में कटौती से नाराज डिलीवरी राइडर्स अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है और हड़ताल कब समाप्त होती है।








