
**भ्रमरपुर सिद्धपीठ में उमड़ रहे श्रद्धालु, तांत्रिक विधि-विधान से होती है मां भगवती की पूजा-अर्चना**
**भागलपुर।** शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड स्थित भ्रमरपुर के प्रसिद्ध मणिद्वीप दुर्गा मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मां दुर्गा की आराधना के साथ नवरात्र का शुभारंभ हुआ। प्राचीन सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर में मां भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना मां भगवती पूरी करती हैं।
भ्रमरपुर का मणिद्वीप दुर्गा मंदिर लगभग 400 वर्षों के इतिहास और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। मान्यता के अनुसार, वर्ष 1684 में भरतखंड ड्योढ़ी के राजा बाबू बैरम सिंह और जागीरदार मनोरंजन झा के प्रयासों से मंदिर की स्थापना हुई थी। बाद में वर्ष 1765 में इसे वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया।
मंदिर की सबसे खास पहचान मां भगवती की पिंडी है, जिसे गंगा की मिट्टी से तैयार कर मंत्रोच्चार के साथ स्थापित किए जाने की मान्यता है। यहां तांत्रिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की परंपरा रही है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
इस सिद्धपीठ को ‘मणिद्वीप’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां मां भगवती का निरंतर वास रहता है। यही वजह है कि भ्रमरपुर का यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
शारदीय नवरात्र की पहली पूजा के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल है। आने वाले दिनों में नवरात्र के विभिन्न अनुष्ठानों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की चहल-पहल और बढ़ने की उम्मीद है।
**मां दुर्गा की आराधना के साथ भ्रमरपुर का मणिद्वीप मंदिर एक बार फिर आस्था, परंपरा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।**





