
भागलपुर: जिले के राघोपुर काजीकोरिया में गंगा नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है। महादेवपुर घाट के समीप ब्रह्म बाबा स्थान के पास करीब 125 मीटर तक तटबंध कटाव की चपेट में है। कटाव के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि ब्रह्म बाबा मंदिर का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब तक करीब 50 घर गंगा नदी में समा चुके हैं। इससे इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है और कई परिवार बेघर होने को मजबूर हैं।
अपना आशियाना उजड़ने पर छलक पड़े आंसू
गंगा कटाव की त्रासदी झेल रहे प्रमोद मंडल अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने बताया कि एक-एक रुपया जोड़कर उन्होंने अपना घर बनाया था, लेकिन गंगा के कटाव ने उनका आशियाना छीन लिया। आज उनके पास रहने के लिए अपना घर नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि कोई परिवार दूसरी जगह ठिकाना तलाश रहा है, तो कोई रिश्तेदारों या अन्य स्थानों पर रहने को मजबूर है। इस आपदा ने कई परिवारों को बिखेर दिया है और लोग अपनों से अलग हो गए हैं।
प्रमोद मंडल ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर प्रभावित परिवारों की समुचित मदद नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने पहले कराए गए कटाव निरोधी कार्यों पर खर्च की गई राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
करोड़ों रुपये खर्च होने पर उठे सवाल
जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने भी कटाव रोकने के लिए पूर्व में कराए गए कार्यों और उन पर खर्च हुए करोड़ों रुपये को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने योजनाओं और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कटाव निरोधी कार्यों का कितना लाभ मिला।
प्रशासन ने तेज किए बचाव कार्य
इधर, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से कटाव रोकने के लिए बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य तेज किए गए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्र पर लगातार नजर रख रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आश्रय स्थलों की व्यवस्था करने की तैयारी भी की जा रही है।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि गंगा कटाव पर जल्द रोक लगाई जाए, बेघर परिवारों को उचित राहत और पुनर्वास मिले तथा कटाव निरोधी योजनाओं पर खर्च की गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए। लोगों को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।





