
पलामू जिले में चार बालू घाटों की नीलामी से राज्य सरकार को 26 करोड़ 58 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान बरवैया बालू घाट को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जहां निर्धारित राशि से करीब पांच गुना अधिक बोली लगाई गई। इस नीलामी से सरकार को राजस्व के साथ-साथ जिले में बालू की उपलब्धता बढ़ने और अवैध खनन पर रोक लगाने की उम्मीद है।
जिले में बालू घाटों की नीलामी को निर्माण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बालू की पर्याप्त उपलब्धता होने से सरकारी और निजी निर्माण कार्यों को गति मिलने की संभावना है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों पर बालू के लिए निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।
नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बालू घाटों के संचालन की जिम्मेदारी सफल निविदादाताओं को सौंपी जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि निर्धारित नियमों के तहत खनन और परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित होने से बालू की आपूर्ति व्यवस्थित होगी। इससे बालू के अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद मिलने की संभावना है।
जिला खनन पदाधिकारी ने सभी सफल निविदादाताओं से अपील की कि वे बालू घाटों का संचालन निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन कार्य के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने निविदादाताओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने की सलाह दी, ताकि बालू खनन और परिवहन की प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और नियमानुसार संचालित हो सके। नियमों का पालन करते हुए घाटों का संचालन होने से सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ आम लोगों को भी निर्माण कार्यों के लिए बालू उपलब्ध होने की उम्मीद है।
पलामू में चार बालू घाटों की नीलामी से मिले 26.58 करोड़ रुपये के राजस्व को जिले के खनन क्षेत्र के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। अब सफल निविदादाताओं के सामने निर्धारित मानकों के अनुरूप घाटों का संचालन करने और बालू की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।
**संवाददाता: सत्यम शुक्ला, पलामू, झारखंड**






