
भागलपुर राघोपुर में गंगा नदी के कटाव और छठ पूजा से पहले बेली ब्रिज खोले जाने को लेकर पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने बिहार सरकार के मंत्रियों और स्थानीय सांसद पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल और पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र पर सवाल उठाते हुए दोनों को ‘बौका’ तक कह दिया। वहीं, सांसद अजय मंडल को ‘निरीह प्राणी’ बताते हुए उनकी कार्यक्षमता पर भी टिप्पणी की।
पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने राघोपुर में हो रहे कटाव को लेकर कहा कि अगर दोनों मंत्री चाहते तो हालात ऐसे नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कटाव की समस्या को लेकर दोनों मंत्रियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की गई। उनका कहना था कि यदि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाते तो आज लोगों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
### बेली ब्रिज खोलने पर भी उठाए सवाल
गोपाल मंडल ने छठ पूजा से पहले बेली ब्रिज खोले जाने के फैसले पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी इस मामले की जानकारी होनी चाहिए थी। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने यह सुझाव क्यों नहीं दिया कि छठ पूजा के बाद बेली ब्रिज खोला जाए।
उन्होंने कहा कि बेली ब्रिज के खुलने से एक तरफ से दूसरी तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोपाल मंडल ने इसके लिए दोनों मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था।
### सांसद अजय मंडल पर भी साधा निशाना
पूर्व विधायक ने भागलपुर के सांसद अजय मंडल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने सांसद को ‘निरीह प्राणी’ बताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनकी भूमिका और क्षमता क्या है। गोपाल मंडल के इस बयान से स्थानीय राजनीति में बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
### खुद को बताया ‘फाइटर नेता’
अपने अंदाज में गोपाल मंडल ने खुद को ‘फाइटर नेता’ बताया। उन्होंने कहा कि वह जनता के मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाते हैं और समस्याओं को लेकर पीछे हटने वालों में से नहीं हैं।
राघोपुर कटाव और बेली ब्रिज को लेकर दिए गए गोपाल मंडल के इन बयानों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि संबंधित मंत्री और सांसद उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।





