भागलपुर/नाथनगर। नाथनगर के सुजापुर दुर्गा स्थान में मां दुर्गा के आगमन से पहले वर्षों पुरानी बंगाली पौराणिक परंपरा के तहत रविवार को कौड़ी लुटाने की रस्म निभाई गई। दुर्गा मंदिर के मेंड़पति राजेश मोहन घोष के नेतृत्व में आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। लोगों ने मां दुर्गा की जयकारे के साथ इस परंपरा में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
बताया जाता है कि सुजापुर दुर्गा स्थान में करीब डेढ़ सौ वर्षों से बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार मां दुर्गा के आगमन से पहले कौड़ी लुटाने की परंपरा चली आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसे बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा के धरती पर आगमन से पहले इस रस्म को निभाने से सुख-समृद्धि और मंगल का वातावरण बनता है। यही वजह है कि हर वर्ष दुर्गा पूजा से पहले इस परंपरा को पूरे विधि-विधान और उत्साह के साथ निभाया जाता है।
मेंड़पति राजेश मोहन घोष ने बताया कि कौड़ी लुटाने की परंपरा सुजापुर दुर्गा स्थान की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी स्थानीय लोग पूरी आस्था के साथ निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान गांव के विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर इसमें शामिल हुए। इससे पूजा से पहले पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
वहीं, नाथनगर पूजा समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि दुर्गा पूजा का आयोजन इस बार भी शांति, सद्भाव और भाईचारे के माहौल में कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घोसी टोला चौक के पास पूजा समिति की ओर से कैंप लगाया जाएगा। इसके अलावा लाइटिंग, माइक और पेयजल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
पूजा समिति ने लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है। कौड़ी लुटाने की इस परंपरा के साथ ही सुजापुर में दुर्गा पूजा की तैयारियों का माहौल भी तेज हो गया है।





