सहरसा में सड़क सुरक्षा पर सवाल, छह महीने से खुला गड्ढा बना हादसों का कारण

सहरसा: शहर के सुपर मार्केट गेट स्थित गर्ल्स हाई स्कूल के समीप पिछले लगभग छह महीनों से सड़क पर बना एक बड़ा गड्ढा स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। इस गड्ढे में आए दिन छोटे वाहन फंस जाते थे, जबकि कई बार चार पहिया वाहन भी दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया था।

मंगलवार को हुई बारिश के बाद यह गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया। इसी दौरान बिहार विकास मोर्चा के संयोजक सोनू तोमर अपनी गाड़ी से वहां से गुजर रहे थे। अचानक उनकी गाड़ी पानी से भरे गड्ढे में चली गई और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना के बाद सोनू तोमर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और नगर निगम के पदाधिकारियों से संपर्क कर मामले की जानकारी दी।

Sponsored Advertisement

सोनू तोमर की पहल के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मौके पर जेसीबी मशीन भेजी गई। इसके बाद गड्ढे को भरने का कार्य शुरू कराया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से यह गड्ढा दुर्घटनाओं का कारण बन रहा था और कई बार लोग चोटिल भी हो चुके थे।

हालांकि, शहर में केवल यही एक समस्या नहीं है। सहरसा की कई सड़कों पर विभिन्न विभागों द्वारा खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक नहीं किया गया है। बारिश के मौसम में ये गड्ढे और अधिक खतरनाक हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहरभर में ऐसे सभी खतरनाक गड्ढों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

  • Related Posts

    गंडक नदी उफान पर, 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है डिस्चार्ज; बगहा में बाढ़ का खतरा बढ़ा

    गंडक नदी उफान पर, 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है डिस्चार्ज; बगहा में बाढ़ का खतरा बढ़ा

    नशा मुक्त कोसी अभियान में बड़ी सफलता, एक सप्ताह में 92 आरोपित गिरफ्तार

    सहरसा। कोसी क्षेत्र के सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में चलाए जा रहे नशा मुक्त कोसी अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 19 से 25 सितंबर के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *