पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र स्थित हरिपुर गांव में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। कोलकाता और पटना एसटीएफ की टीम ने पूर्णिया पुलिस के साथ मिलकर गांव के वार्ड नंबर-1 में छापेमारी की, जहां एक मकान के भूमिगत तहखाने में अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और मशीनरी बरामद की है।
छापेमारी के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मुंगेर निवासी मो. आफताब आलम, मो. अनवर तथा हरिपुर गांव के मिट्ठू कुमार और गब्बर मंडल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मुंगेर निवासी सूरज कुमार है, जो तैयार पिस्टलों की सप्लाई विभिन्न जिलों में करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि मकान के ऊपर सामान्य रूप से पत्तल बनाने का काम होता था, जबकि नीचे बने गुप्त तहखाने में पिछले छह महीनों से हथियार निर्माण का धंधा चल रहा था। तहखाना जमीन से करीब 20 फीट नीचे बनाया गया था, जहां लेथ मशीन और अन्य उपकरण लगाए गए थे ताकि मशीनों की आवाज बाहर न जा सके। इसी वजह से गांव वालों को लंबे समय तक इसकी भनक नहीं लगी।
धमदाहा एसडीपीओ संदीप गोल्डी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में पुलिस ने 10 अर्धनिर्मित पिस्टल, 14 लोहे की प्लेटें, लेथ मशीन, कटर मशीन और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत को पटना और कोलकाता एसटीएफ से गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई।
घटना सामने आने के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें केवल पत्तल बनाने के काम की जानकारी थी। एसडीपीओ संदीप गोल्डी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हथियारों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।


