कोसी क्षेत्र की समृद्ध लोक परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक भगैत महासम्मेलन सह विष्णु यज्ञ इस वर्ष सहरसा में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। अखिल भारतीय भगैत महासंघ, कोसी अंचल सहरसा की ओर से आयोजित यह 55वां वार्षिक महाअधिवेशन 29 मार्च से 31 मार्च तक तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान कोसी प्रमंडल के तीन जिलों में कुल 18 स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को महासंघ के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह महासम्मेलन चैत शुक्ल एकादशी से त्रयोदशी तक लगातार 48 घंटे तक चलने वाला धार्मिक आयोजन होगा। कार्यक्रम की शुरुआत 29 मार्च (रविवार) से होगी और यह 30 मार्च (सोमवार) तथा 31 मार्च (मंगलवार) तक जारी रहेगा। इस दौरान विष्णु यज्ञ, भगैत गायन, भक्ति गीत, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहेगा।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि भगैत परंपरा कोसी अंचल की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है, जो वर्षों से लोगों की आस्था और परंपरा से जुड़ी हुई है। इस परंपरा को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक इसकी पहचान पहुंचाने के उद्देश्य से हर वर्ष इस महासम्मेलन का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के कई प्रसिद्ध भगैत कलाकार और मंडलियां हिस्सा लेंगी।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र में इस महाअधिवेशन को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है। खासकर नगर निगम के वार्ड संख्या 4 और कहरा इलाके में आयोजन स्थल को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। यहां मंच निर्माण, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि इस अवसर पर दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भगैत मंडलियां और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। पूरी रात भगैत गायन और भक्ति गीतों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय बना रहेगा।
महासंघ के पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का लाभ उठाएं और कार्यक्रम को सफल बनाएं।
