बिहार के पूर्वी प्रदेश से भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 4.760 लाख रुपये के जंगल बरामद किए हैं। हालाँकि इस दौरान डार्क फ़ायदे का व्यावसायिक उद्यम से बाज़ार में सफलता मिल रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर दी गई है। 71वीं बटालियन की बी जापानी कंपनीवा और यूक्रेन थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से नाका अभियान अभियान के बाद 71वीं बटालियन की सूचना बैठक की। यह सैनिक अभियान भारत-नेपाल सीमा के स्तंभ संख्या 376/2 से लगभग 700 मीटर दूर कटकेनवा गांव के निकट संचालित किया गया।
यूनाइटेड टीम ने इलाके में तत्काल घेराबंदी और विस्फोटकों पर नजर रखने के लिए मशीनरी अभियान शुरू किया। प्रोटोटाइप के दौरान टीम को एक लाल पॉलिथीन में लोराबाबा मिला, जिसका कुल वजन 4.760 ट्रॉली बताया गया है। यह विनाशकारी पदार्थ नेपाल से भारत में अपने उद्देश्य से लाया जा रहा है।
हालाँकि कार्रवाई के दौरान कैडर सुरक्षा एकजुट होकर साकेत में ही डार्क का लाभ समूह से भाग हो गया। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की पहचान कर उन्हें आसपास के इलाकों में तेजी से पकड़ लिया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया के तहत बरामद गांजे को जुएवा थाना पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में पूछताछ हुई है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
सीमा में लगातार वृद्धि जारी रखने वाले स्मारकों की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा सदस्यों को शामिल किया गया है और इस तरह के अभियान को भी जारी रखा गया है, ताकि अवैध अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाया जा सके।
