बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी सहित कई राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राज्य के अगले दो से तीन चौथाई क्षेत्रों में तेज बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अररिया, कृषि, डायनासोर, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, गरीब, गिरजाघर, पूर्णिया, पिछड़ा, बिहार, शिवहर, सुमौल, सुपौल और पिछड़ा वर्ग के कुछ जिलों में बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। वहीं अरवल और पटना के कुछ जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान है।
इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। असल में तैयार स्टॉक में तेज हवा और बारिश हो सकती है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से आम के बाउर का मानना है कि मंजरी पर खराब प्रभाव की संभावना है, जिससे इस साल आम पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा बर्तन और तेलहन की फसलें भी बर्बादी के खतरे में हैं।
उत्तर, रेलवे जिले में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही बारिश के कारण गिरावट और संकेत दिए गए हैं। पूर्वोत्तर में कई जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। किसानों के बीच घातक क्षति को लेकर चिंता का साफ आकलन किया जा रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को विशेष रूप से खराब मौसम के दौरान घर में रहने और सुरक्षित स्थान पर आश्रय लेने की सलाह दी है।
