बिहार के ग्रामीण जिले से एक बेहद भावुक और गर्व से भरी खबर सामने आई है। जिले के मोरवा खंड के लोदीपुर गांव के निवासी वीर युवा सिताराम राय के साथी के साथ शहीद हो गए। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव-समुद्र में, पूरे इलाके में मातम के साथ-साथ गर्व की लहर भी दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में चल रहे एक सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार को किसी के साथ डकैती हुई, जिसमें सितारा राय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस खबर ने न सिर्फ अपने परिवार को बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।

अवशेषों के मुताबिक, मौत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात की थी। यह बातचीत अब परिवार के लिए आखिरी याद बनी हुई है। देर रात करीब 11 बजे आर्मी यूनिट की ओर से फोन पर बताया गया कि उन्हें गोली लगी है, जिसके कुछ देर बाद ही उनके शहीद होने की सूचना मिली।

सितारा राय वर्ष 2002 में भारतीय सेना में भर्ती हुई थीं। अपने 20 से अधिक वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने कई अहम अभियानों में हिस्सा लिया और हमेशा बहादुरी का परिचय दिया। उनके पिता सन राय ने बताया था कि वे परिवार के पालन-पोषण में बेहद गरीबी में हैं। ठेला मूर्ति बच्चों को पाला और बेटों की सेना में भर्ती होने के बाद परिवार की स्थिति सुराजी।

शहीद के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा अनुज दोनों आदिवासियों से अलग है, जिससे परिवार की जिम्मेदारी और वृद्धि होती है। ऐसे में सितारा राय ही परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे।

गांव में मौत की खबर के बाद लोगों की भीड़ उनके घर पर पत्थर मारने के लिए उमड़ पड़ी। हर कोई अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दे रहा है। अवशेषों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। गांव के लोग अपने शहीद बेटे के अंतिम दर्शन के लिए बासमती से इंतजार कर रहे हैं।

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