बिहार के वैशाली जिलेकी बेटियां अब सिर्फ घर की चौखट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज की कुरितियों के खिलाफ आवाज बुलंदियों के बदलाव मिसाल भी पेश कर रही हैं। उदाहरण के लिए जिले में बनी दो शॉर्ट फिल्में – ‘बैड टच का सेंसर’ और ‘वायरल शराबबंदी’ – इसी तरह के सोडा सोच को छोड़ें हैं। ‘पुतुल बाबा फिल्म्स’ के बैनर तले बनी ये फिल्में बेटी की हकीकत, जागरूकता और घटिया सामाजिक सोच को सामने लाती हैं।

पहली फिल्म ‘बैड टच का सेंसर’ समाज के उस कड़वे सच को छूती है, जिसमें कुछ लोग अपनी पहचान के कारण स्कूल जाने वाली के साथ गलत व्यवहार करते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि आज की बेटियां डरने या चुप रहने के बजाय गलत काम करने वालों को करारा जवाब देती हैं। कहानियों में लड़कियाँ अपनी बुद्धिमत्ता और साहस से साहस सिखाती हैं, जिससे उन्हें अपनी सहजता का एहसास होता है। यह फिल्म बेटी की आत्मनिर्भरता और जागरूकता का मजबूत संदेश है।

इस फिल्म में सिंधु, अनुप्रिया जेट, सागर कुमार, फोर्टेश्वर कुमार और अनिरुद्ध सिंह ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं। कलाकारों के चरित्र ने कहानी को और प्रभावशाली बना दिया है।

वहीं दूसरी फिल्म ‘वायरल शराबबंदी’ बिहार की शराबबंदी नीति और उनके सामाजिक प्रभाव को केंद्र में रखकर बनाई गई है। दो सहेलियों की कहानी- गिरफ़्तार घूमती है, जिसमें एक का पिता शराब बेचता है और दूसरे का पिता शराब पीता है। जब गांव की पंचायत में यह समस्या गायब रहती है, तो दोनों लड़कियां सोशल मीडिया का सहारा लेकर एक वीडियो वायरल करती हैं और पूरे समाज को सलाह देकर मजबूर कर देती हैं।

इस फिल्म में सिंधु के साथ मोरीशस के कलाकार सुशी मुख्य भूमिका में हैं। वहीं तेजेश्वर कुमार, फोर्टेश्वर कुमार, प्रेम पटेल और साउथ हंटर ने भी अहम किरदार निभाए हैं।

दोनों फिल्मों की खासियत उनकी सादगी और वास्तविकता है। कलाकारों ने बिना मेकअप के अभिनय किया है और स्कोटिया के हाजीपुर और राजापाकर के असली आकर्षणों को शूट किया है। कैमरा अनिरुद्ध सिंह और प्रेम राज ने फिल्माया है, जबकि एडिटिंग दिवेश कुमार ने की है।

शिष्य दिवेश कुमार के, आज बिहार की बेटियां पहले से अधिक शिक्षित और नशेड़ी हैं और येही संदेश इन फिल्मों के जरिए समाज तक के समुदाय तक की कोशिश की जाती है। ये फिल्में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर रिलीज की गई हैं और सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं।

लेश्वर कुमार और अनिरुद्ध सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई है। कलाकारों के चरित्र ने कहानी को और प्रभावशाली बना दिया है।

वहीं दूसरी फिल्म ‘वायरल शराबबंदी’ बिहार की शराबबंदी नीति और उनके सामाजिक प्रभाव को केंद्र में रखकर बनाई गई है। दो सहेलियों की कहानी- गिरफ़्तार घूमती है, जिसमें एक का पिता शराब बेचता है और दूसरे का पिता शराब पीता है। जब गांव की पंचायत में यह समस्या गायब रहती है, तो दोनों लड़कियां सोशल मीडिया का सहारा लेकर एक वीडियो वायरल करती हैं और पूरे समाज को सलाह देकर मजबूर कर देती हैं।

इस फिल्म में सिंधु के साथ मोरीशस के कलाकार सुशी मुख्य भूमिका में हैं। वहीं तेजेश्वर कुमार, फोर्टेश्वर कुमार, प्रेम पटेल और साउथ हंटर ने भी अहम किरदार निभाए हैं।

दोनों फिल्मों की खासियत उनकी सादगी और वास्तविकता है। कलाकारों ने बिना मेकअप के अभिनय किया है और स्कोटिया के हाजीपुर और राजापाकर के असली आकर्षणों को शूट किया है। कैमरा अनिरुद्ध सिंह और प्रेम राज ने फिल्माया है, जबकि एडिटिंग दिवेश कुमार ने की है।

शिष्य दिवेश कुमार के, आज बिहार की बेटियां पहले से अधिक शिक्षित और नशेड़ी हैं और येही संदेश इन फिल्मों के जरिए समाज तक के समुदाय तक की कोशिश की जाती है। ये फिल्में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर रिलीज की गई हैं और सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं।

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