लोकसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्णिया से सांसद ने भारतीय रेलवे की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने रेल मंत्री से पूछा कि जब देश में करीब 5000 इंजन और 23 हजार यात्री कारें हैं, तो फिर छठ और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान 12 हजार से ज्यादा ट्रेनों का दावा कैसे किया जाता है।
यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए समाजवादी यादव ने कहा कि रेलवे में विकलांगता के कारण हर घंटे दो यात्री हो रहे हैं। उन्होंने चीन, जापान और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बेहतर तरीके से की जाती है, जबकि भारत में छठ और दीपावली के समय यात्रियों की भारी भीड़ और उत्साह का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान गिनती की संख्या में वृद्धि के दावे किए गए थे, लेकिन बाद में यात्रियों को भारी बोगियों में यात्रा करनी पड़ी।
मिनिमम ने सीमांचल, पूर्णिया और कोशी क्षेत्र को देश के बड़े महानगरों से बेहतर रेल मॉडल देने की मांग भी की। उनका कहना था कि इन इलाक़ों से बड़ी संख्या में मज़दूर और छात्र बाहर जा रहे हैं, इसलिए यहाँ से सीधे और मध्यम ट्रेन व्यवसाय शुरू करना ज़रूरी है।
हालाँकि, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वामी यादव के कर्मचारियों पर तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की और उनके आंकड़ों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे में सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर काम हुआ है, जिससे गंभीर रेल सुविधाओं में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। मंत्री ने बताया कि रेलवे सुरक्षा पर करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं, जिसका असर भी सकारात्मक दिख रहा है।
इस दौरान रेल मंत्री और रेल मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि लिपस्टिक यादव निजी मुलाकातों में कुछ बातें कहते हैं, जबकि उनका रुख अलग होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छठ और दीपावली के दौरान 12,700 विशेष रेलगाड़ियाँ चलाई गईं और उनकी सूची सार्वजनिक की गई।
