लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम आज से पूर्व डीएम मिथिलेश कुमार के एक साल चार महीने के कार्यकाल की विस्तृत जांच शुरू कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों की लिखित शिकायत के आधार पर पटना स्थित ईओयू कार्यालय ने यह कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार, ईओयू की टीम सुबह करीब 10 बजे जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचेगी। सबसे पहले टीम डिप्टी कलेक्टर शशि भूषण कुमार से मुलाकात कर शस्त्र लाइसेंस से संबंधित फाइलों की जांच करेगी। पिछले एक साल से अधिक अवधि की सभी लाइसेंस फाइलों को बारीकी से खंगाला जाएगा, ताकि किसी भी अनियमितता का पता लगाया जा सके।
इसके बाद टीम खेल पदाधिकारी मिनाल रंजन से मिलकर कला, संस्कृति और खेल विभाग से जुड़ी फाइलों की समीक्षा करेगी। इन विभागों में हुए कार्यों की प्रक्रिया, पारदर्शिता और दस्तावेजों की जांच प्रमुख रूप से की जाएगी।
ईओयू की जांच सिर्फ कुछ विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले के सभी विभागों की कार्यप्रणाली को जांच के दायरे में लाया जाएगा। टीम यह भी देखेगी कि पूर्व डीएम के कार्यकाल में कौन-कौन से विकास कार्य हुए, उनकी प्रक्रिया क्या रही और उनमें पारदर्शिता का स्तर कैसा था।
जांच के दौरान धान खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी विशेष रूप से छानबीन की जाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में रिकॉर्ड्स की गहन जांच होगी, जिससे किसी भी गड़बड़ी का खुलासा हो सके। यह जांच अभियान दो से तीन दिन या उससे अधिक समय तक चल सकता है।
इधर, पूर्व डीएम मिथिलेश कुमार को जांच के दौरान अवकाश भवन में रहने का निर्देश दिया गया है। उन्हें पद से हटाकर पटना सचिवालय की सामान्य शाखा में तैनात कर दिया गया है। वहीं, नए डीएम की नियुक्ति को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि पास के किसी जिले के आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
