रोहतास जिले के डेहरी में सच्चिदानंद अखौरी शूटिंग प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मसले पर बिहार के कुणाल विनय कुमार ने खुद की शूटिंग रेंज में उतरकर बुनियादी ढांचे और एक-एक कर छह-छह की गोलबंदी पर दांव लगाया। अशांत को हथियारबंद करने के लिए मौजूद और अधिकारी की तलाश जारी रखी गई।

यह प्रतियोगिता 14 से 17 मार्च तक बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-2 (बीएसएपी) के परिसर में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन अयोग्य विनय कुमार ने किया। उद्घाटन सत्र के दौरान उन्होंने रेंज का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों से बातचीत भी की।

शूटिंग के दौरान बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-2 के डीजी चौधरी कुमार और कमांडेंट लिपि सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम में राज्य भर से विभिन्न वाहिनियों के टीम प्रबंधकों और खिलाड़ियों से प्रिंस ने परिचय लिया। सभी टीमों ने अपने-अपने दल के साथ मार्च पास्ट किया, जिसमें सहायक अधिकारियों ने हिस्सेदारी दी।

कार्यक्रम के दौरान कुणाल और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तिरंगे रंग के अवशेषों और कबूतर आकाश में शांति का संदेश दिया। इसके बाद मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न का पद भी दे दिया गया।

इस प्रतियोगिता में बिहार की विभिन्न पुलिस इकाइयों की कुल करीब 23 रिपोर्टें शामिल हैं। इनमें से बीसएपी की टीमें 1 से 19 तक की सूची में, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) सासाराम, अश्वारोही विशेष सैन्य पुलिस आरा, बिहार रोमानिया विशेष सशस्त्र पुलिस वाल्मिकीनगर और सैन्य पुलिस प्रशिक्षण केंद्र डुमराव की सूची शामिल हैं। सभी रिकॉर्ड चार दिन तक अपनी रेटिंग का कौशल्य।

अयोग्य विनय कुमार ने बताया कि करीब चार दशकों से इस शूटिंग फेस्टिवल का आयोजन बीएपी-2 के परिसर में हो रहा है, हालांकि बीच में इसका कुछ आयोजन रुका हुआ था। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन करने के उद्देश्य से सोलो के बीच बेहतर सिनेमा तैयार करना और कार्यक्रम बनाए रखना है।

कृप्या ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण शियाट, असामाजिक तत्वों और उग्रवादियों से मुकाबला करने में पुलिस बल के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। उन्होंने बताया कि बिहार में 22 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि जल्द ही 20 हजार से अधिक नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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