रोहतास (बिहार) के बीसएपी-2 फिल्म में आयोजित सच्चिदानंद अखौरी शूटिंग प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ, लेकिन पूरे कार्यक्रम में अगर किसी ने सबसे ज्यादा कमाई की तो वह भोजपुर जिले की अश्वारोही टीम की घोड़ी ‘कोमल’ थीं। अपनी तेज तर्रार और शानदार प्रतिभाओं के दम पर कोमल ने दर्शकों और अधिकारियों को हैरान कर दिया।

प्रतियोगिता में राज्यभर से सुपरमार्केट ने हिस्सा लिया और अपने कौशल का प्रदर्शन किया, लेकिन कोमल की राय सबसे अलग और आकर्षक रही। जब कोमल अपने सवार मनोज कुमार सिंह के साथ मैदान में उतरती है, तो उसकी गति और संतुलन ही बनता है। उसका हर पदार्थ समतुल्य तत्व और समानता है कि दर्शक संसार थमने को मजबूर हो जाते हैं।

कोमल की कंपनी की हाई जंप क्षमता है। वह अब तक 1.55 मीटर तक की गेहूं की कंपनी है, जो उसे अन्य कारखानों से अलग करती है। यही कारण है कि उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर कई पदक अपने नाम किये हैं। कोमल ने अब तक 11 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं, जिसमें ओपन जंपिंग में लगातार 6 गोल्ड और सिल्वर शामिल हैं।

कोमल के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बिहार के बाहुबली विनय कुमार भी खुद को रोक नहीं सके और तालियां बजाकर अपने तानाशाह की भूमिका निभाई। उन्होंने मनोज सिंह कुमार की प्रियंका थपथपाकर की सवारी की और उनका भी मजाक उड़ाया।

सवार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोमल को भोजपुर के आरा स्थित हेडक्वार्टर में प्रशिक्षण दिया गया है। वह 2005 से ऑल इंडिया चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं और 2000 से कोमल के साथ जुड़े हुए हैं। उनके अनुसार, कोमल एक विदेशी थाईब्रिड नस्ल की घोड़ी है, जो न केवल तेज़ और फुलती है, बल्कि बेहद वफादार भी है।

कुल मिलाकर, कोमल ने अपने सचिवालय, अनुशासित और अद्भुत वैज्ञानिकों से यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण और विश्वसनीयता के साथ कोई भी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

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