मोतिहारी में के तृतीय दीक्षांत समारोह में देश के उपराष्ट्रपति शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 9 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्वर्ण पदक पाने वालों में अदिति प्रग्या, मुस्कान कुमारी, बलिराम कुमार, आदित्य प्रसाद, रचित यशस्वी, सचिन कुमार, श्रुति कुमारी, अनानंक कुमार और चंदन कुमार शामिल हैं।

समारोह में कुल 475 छात्रों को विभिन्न विषयों में उपाधियां दी गईं, जबकि अलग-अलग श्रेणियों में 23 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने चंपारण को महान विचारों और आंदोलनों की भूमि बताते हुए कहा कि यही वह धरती है, जहां बौद्ध और जैन विचारधाराओं का प्रभाव रहा और महात्मा गांधी भीको ‘महात्मा’ की उपाधि मिली। उन्होंने युवाओं से नवाचार, राष्ट्रभक्ति और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने पश्चिम चंपारण स्थित का भी दौरा किया, जहां गांधीजी ने चंपारण सत्याग्रह का नेतृत्व किया था। उन्होंने आश्रम में पुष्पांजलि अर्पित की और संग्रहालय में रखी ऐतिहासिक वस्तुओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मोतिहारी में चरखा पार्क और गांधी स्मारक स्थल पर भी श्रद्धांजलि दी।

समारोह में बिहार के राज्यपाल , उपमुख्यमंत्री , राज्यसभा उपसभापति , शिक्षामंत्री सुनील कुमार और केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान नई शिक्षा नीति 2020 के तहत वैश्विक मानकों की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। वहीं राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को बिहार की उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताया और छात्रों से राष्ट्रहित, नैतिक मूल्यों और आलोचनात्मक सोच पर ध्यान देने की अपील की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि युवा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें शिक्षा, नवाचार और मूल्यों के साथ आगे बढ़ना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *