बिहार के Muzaffarpur जिले के एक युवक की गिरफ्तारी ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। हरचंदा गांव निवासी 20 वर्षीय नौशाद अली उर्फ लालू को पुलिस की एसआईटी ने 16 मार्च को हरियाणा के से गिरफ्तार किया। उस पर पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, नौशाद 15 मार्च को अपने घर फोन कर ईद की शुभकामनाएं दे रहा था और अगले ही दिन उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में था और उनके निर्देश पर देश के संवेदनशील स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन और सुरक्षाबलों के ठिकानों की रेकी कर चुका है। फिलहाल एजेंसियां उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
नौशाद कुछ महीने पहले ही रोजगार की तलाश में दिल्ली गया था और बाद में फरीदाबाद में पंक्चर की दुकान खोल ली थी। उसकी मां नमिमा खातून के अनुसार, 16 मार्च को उन्हें फोन से बेटे की गिरफ्तारी की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनके बेटे को किस मामले में पकड़ा गया है। परिवार ने उसकी दुकान खोलने के लिए करीब 30 हजार रुपये कर्ज लेकर दिए थे।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। नौशाद ने छठी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और कमाने के लिए बाहर गया था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। मां के अनुसार, नौशाद खुद कमाने के बजाय घर से ही खर्च के लिए पैसे लेता था।
गांव के लोग भी इस घटना से हैरान हैं। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि नौशाद के बारे में पहले कभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह इस नेटवर्क के संपर्क में कैसे आया और उसने कौन-कौन सी जानकारी साझा की।
