भागलपुर, बिहार – जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर 11 मई से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक गांव कल्याण बीघा से एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। यह अभियान बिहार में जातीय जनगणना और भूमि सर्वेक्षण में हुई अनियमितताओं के खिलाफ है। इस मुहिम के तहत जन सुराज कार्यकर्ता राज्य के 40 हजार से अधिक गांवों में जाकर दो महीनों के भीतर एक करोड़ से अधिक लोगों से हस्ताक्षर एकत्र करेंगे। 11 जुलाई को यह हस्ताक्षर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।

इस अभियान को लेकर सोमवार को जन सुराज पार्टी की भागलपुर जिला इकाई ने जिला कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान भागलपुर विधानसभा प्रभारी सह जिला उपाध्यक्ष बाबुल विवेक, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह संभावित प्रत्याशी डॉ. विकास पाण्डेय, राज्य कोर कमेटी सदस्य एवं संभावित प्रत्याशी सोनी भारती, और जिला सचिव सह युवा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सरदार हर्षप्रीत सिंह ने मीडिया को संबोधित किया।

बाबुल विवेक ने प्रेस को बताया कि बिहार में जातीय जनगणना के आंकड़े 7 नवंबर 2023 को विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 22 नवंबर 2023 को सरकार ने जातीय आधार पर कुछ अहम घोषणाएं कीं, लेकिन आज तक वे केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं। धरातल पर इन घोषणाओं का कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कराए गए भूमि सर्वेक्षण में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिसका असर आम लोगों की संपत्ति और हक पर पड़ा है।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि जन सुराज पार्टी सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहती है। जनता से जो वादे किए गए थे, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रशांत किशोर 11 मई से इस जन आंदोलन की शुरुआत करेंगे। यह अभियान पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से जन भागीदारी के साथ चलाया जाएगा।

राज्य कोर कमेटी सदस्य सोनी भारती ने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य है बिहार में पारदर्शी प्रशासन और जिम्मेदार शासन की स्थापना। सरकार द्वारा किए गए वादों को याद दिलाने और उन पर अमल करवाने के लिए जनता की आवाज को एकजुट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के अंतर्गत हर गांव में जन संवाद, नुक्कड़ सभा और हस्ताक्षर अभियान चलाए जाएंगे।

डॉ. विकास पाण्डेय ने बताया कि यदि 11 जुलाई को दिए गए ज्ञापन के बाद भी सरकार कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है, तो जन सुराज विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम सत्र का घेराव करेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनहित में है, जिससे बिहार के आम नागरिकों को उनका हक मिल सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश युवा कार्यकारिणी सदस्य सूरज कुमार सिंह एवं कार्यालय प्रभारी आरिफ रशीद भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस अभियान में बड़ी भूमिका दी जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए सजग और जागरूक बने।

इस जन हस्ताक्षर अभियान की रणनीति और संचालन के लिए जिलों में समन्वय समितियों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर लोगों को इस मुद्दे पर जानकारी देंगे और हस्ताक्षर करवाएंगे। यह अभियान न केवल सरकार को जगाने की कोशिश है, बल्कि बिहार के विकास की दिशा में एक जन जागरूकता अभियान भी है।

प्रशांत किशोर के नेतृत्व में शुरू होने वाला यह हस्ताक्षर अभियान बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस आवाज को सुनेगी या जन सुराज को मजबूरन आंदोलन का और बड़ा रूप देना पड़ेगा।

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