बिहार के मुंगेर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में कार्यरत पेशकार मुकेश कुमार को ₹1.70 लाख की रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस घटना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मामला बेगूसराय जिले के पंचवीर गांव के नंदकिशोर प्रसाद सुमन से जुड़ा है। उन्होंने निगरानी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके गांव के पास करीब तीन कट्ठा चार धुर सरकारी जमीन है, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। आरोप था कि इस जमीन को फर्जी दस्तावेज के जरिए हड़पने की साजिश की जा रही थी।

शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2025 में प्रमंडलीय आयुक्त मुंगेर के न्यायालय में वाद दायर किया था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान फाइल को आगे बढ़ाने और जांच के लिए भेजने के एवज में पेशकार मुकेश कुमार ने 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने पहले ही 3 लाख रुपये दे दिए थे।

इसके बाद नंदकिशोर प्रसाद ने पटना स्थित निगरानी विभाग से संपर्क किया। विभाग ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता आरोपी को ₹1.70 लाख देने पहुंचा, जहां पहले से मौजूद निगरानी टीम ने मुकेश कुमार को रिश्वत लेते ही गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुंगेर सर्किट हाउस ले जाकर करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद उसकी मेडिकल जांच सदर अस्पताल में कराई गई और न्यायालय में पेश कर पटना भेज दिया गया।

निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। इसमें शामिल अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नंदकिशोर प्रसाद सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को मोहम्मद जावेद ने गलत कागजात बनाकर अपने पक्ष में कर लिया था। इसे बेचने की कोशिश की जा रही थी। मामला सीओ और डीसीएलआर तक गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने प्रमंडलीय आयुक्त मुंगेर में शिकायत दर्ज कर मामले को न्यायालय में चलाया।

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