मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए गैस संकट को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दो औद्योगिक उद्यमों में 1.25 लाख नए पेट्रोलियम गैस (पाइपपैड रसोई गैस) कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं, पिछले तीन दिनों में करीब 5600 उपभोक्ता सामान में टुकड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार घरेलू गैस आपूर्ति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और लोगों को अफवाहों से दूर केवल आधिकारिक तौर पर आरामदेह माना जाना चाहिए।
सरकार ने कालाबाजारी और जामखोरी पर दिखाए गए शो में सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं। सुजाता शर्मा के, 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जबकि 25 राज्यों में जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं। दिन में ही कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ करीब 6000 की लूट हो गई।
उन्होंने बताया कि गैस की कमी की रिपोर्ट देश में कहीं भी नहीं है। गुरुवार को 56 लाख की लागत से 55 लाख की लागत आई। ऑनलाइन का प्रतिशत प्रतिशत 94% हो गया है, जबकि 83% ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ के माध्यम से जारी किया जा रहा है।
17 राज्यों में नरसंहार के मामले में दर्ज किए गए आदेश जारी किए गए हैं और सभी राज्यों में नरसंहार के मामले में पीड़िता के रूप में चल रही है। इसके अलावा 15 राज्यों ने अतिरिक्त केरोसिन के ऑर्डर भी जारी किए हैं।
सरकार का कहना है, कच्चे तेल की आपूर्ति और रिफाइनरी संचालन सामान्य है। रिटेल पेट्रोल पंपों पर किसी भी तरह की कमी की जानकारी नहीं है। सी. एन.जी. और घरेलू गैस की आपूर्ति बिना किसी कटौती के पूरी तरह से जारी है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।
