झारखंड के सीमावर्ती जिलों से एक मिसाल सामने आई है, जहां ओमान की राजधानी मस्कट में एक युवा प्रवासी श्रमिक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ दी है।
मृतक की पहचान 24 वर्ष कुमार प्रदीप के रूप में हुई है, जो विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के जबर गांव के रहने वाले थे। प्रदीप रोज़गार की तलाश में ओमान गया था, जहां वह एक निजी कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहा था।
राज्य पर्यटक नियंत्रण कक्ष के अधिकारी शिखा बहाली के अनुसार, इस दुर्घटना की सूचना गुरुवार को जिला प्रशासन के माध्यम से मिली। सूचना प्रशासन ही सक्रिय हो गया है और मृतकों के अवशेषों से संपर्क स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं। इसके बाद ओमान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास और संबंधित कंपनी के सहयोग से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में सोशल एक्टिविस्ट अलेक्जेंडर अली से भी मदद मांगी गई है, जो प्रवासी मजदूरों पर काम करते हैं। अलेक्जेंडर अली ने बताया कि प्रदीप के पिता पुनस महतो ने उन्हें घटना की जानकारी दी थी।
जानकारी के मुताबिक, प्रदीप कुछ दिन पहले बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद जब वह स्वस्थ होकर अपने आवास पर जा रहा था, तभी रविवार की रात सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार वाहन ने उससे टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि प्रदीप की मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद परिवार में मूर्ति मच गई। गठबंधन सरकार से जल्द से जल्द शव को स्वदेशी सामान और आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने हर संभव मदद दी जाएगी।
यह घटना एक बार फिर से फिल्म में काम कर रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है।
