बिहार के पश्चिम हिमाचल प्रदेश के बेतिया से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने एक परिवार को स्थिर कर दिया। बैरिया थाना क्षेत्र के भितहा मठिया गांव में गुरुवार की सुबह बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।
इस हिंसक रिवाल्वर में 40 वर्ष की विजय पटेल की मशीन पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके दो भाई नेपोलियन पटेल (38) और कमलेश पटेल (35) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज के लिए बेतिया जी को में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि सुरेश पटेल के चार बेटे हैं। वे अपने बड़े बेटे अजय पटेल के साथ अलग रहते थे, जबकि बाकी तीन बेटे अलग रहते थे। परिवार के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जो पहले भी कई बार असम तक पहुंच चुका था।
घटना के दिन सुबह पिता सुरेश पटेल और बड़े बेटे अजय पटेल ने घर के सामने से रास्ता बंद कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में अस्थिरता शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक भूकंप में बदल गया। आरोप है कि सुरेश पटेल, अजय पटेल और उनके बेटों ने मिलकर आयरन के भाले से हमला किया, जिसमें मेरे बेटे विजय पटेल की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। बचपन के पिता, बड़े भाई और भतीजा मस्जिद से लड़के हो गए हैं। पुलिस ने पूरे मामले की जांच में खुलासा किया है कि अन्य आरोपियों पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस मामले में साइंटिफिक-2 स्टूडियो प्रियदर्शन ने बताया कि पिता और पुत्रों के बीच जमीनी विवाद हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। निरीक्षण पुलिस हर अधिकारियों से जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर सामने आई है कि जमीनी विवाद किस तरह के रिश्तों को खून-खराबे में बदल देता है।
