पटना से इस वक्त की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद उनके राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी बीच जेडीयू समर्थकों ने उनसे बिहार न छोड़ने की भावुक अपील की है।

पटना में जेडीयू कार्यकर्ता कृष्णा पटेल के नेतृत्व में कई जगहों पर पोस्टर लगाए गए हैं, जो चर्चा का विषय बन गए हैं। इन पोस्टरों में नीतीश कुमार, उनके बेटे निशांत कुमार और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर में लिखा है, “हे जनेश्वर, बिहार छोड़कर हम बिहारवासियों को अनाथ मत कीजिए। आज पूरा बिहार पूछ रहा है कि आपके जैसा सुरक्षा और साथ कौन देगा।”

पोस्टर में यह भी कहा गया है कि नीतीश कुमार का मिशन अभी अधूरा है और इसे उनके बेटे निशांत कुमार आगे बढ़ा सकते हैं। “मिशन विकसित बिहार 2040” का जिक्र करते हुए समर्थकों ने नेतृत्व जारी रखने की अपील की है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार नवंबर 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। हाल ही में वह राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए और 30 मार्च को उन्होंने विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।

इस बीच, खुद नीतीश कुमार के बयान ने सियासी अटकलों को और तेज कर दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे अब दिल्ली में ही रह सकते हैं और बिहार में जल्द नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों में नई सरकार को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

चर्चा यह भी है कि इस बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है। वहीं, 13 तारीख के बाद एनडीए की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सरकार गठन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का गठन खरमास समाप्त होने के बाद हो सकता है और शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जा सकता है। फिलहाल, पूरे बिहार की नजर इस बड़े राजनीतिक बदलाव पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *