बिहार की राजनीति इन दिनों तेज हलचल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री के राज्यसभा सदस्य बनने और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि राज्य में जल्द नई सरकार का गठन होगा। मुख्यमंत्री आवास से उनका सामान भी सात सर्कुलर रोड शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे बदलाव के संकेत और मजबूत हो गए हैं।

इस बीच एनडीए खेमे में बैठकों और मुलाकातों का दौर लगातार जारी है। डिप्टी सीएम ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जबकि जल संसाधन मंत्री भी सीएम आवास पहुंचे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय भारतीय जनता पार्टी लेगी और फिर एनडीए विधायक दल की बैठक में उस पर मुहर लगेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया तय रणनीति के तहत चल रही है और सही समय पर सभी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने के कारण विभिन्न नेता मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रहे हैं।

मंत्रिमंडल के गठन को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन 13 अप्रैल को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक पर भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। राजनीतिक गलियारों में कई नामों को लेकर अटकलें तेज हैं, हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

दिल्ली में 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से ही सियासी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। भाजपा की कोर कमेटी की बैठक रद्द होने के बाद चर्चाओं का दौर और भी बढ़ गया है।

सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही कोई नेता होगा, जबकि जेडीयू को डिप्टी सीएम पद मिल सकता है। कुछ चर्चाओं में निशांत कुमार का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।

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