14 अप्रैल से सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा और राज्य में एक बार फिर शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। इसी बीच गैस सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन परिवारों के लिए, जिनके घर में जल्द ही शादी है।

कटिहार जिले के बंगाली टोला निवासी नारायण शर्मा भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं। उनकी बेटी की शादी 18 अप्रैल को तय है, लेकिन कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की व्यवस्था को लेकर वे चिंतित थे। हालांकि अब राज्य सरकार के नए नियमों से उन्हें थोड़ी राहत मिली है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने शादी-विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों में गैस के उपयोग को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और उसका दुरुपयोग रोका जाए।

नए नियमों के तहत, किसी भी शादी या बड़े आयोजन से पहले संबंधित एसडीओ (सब-डिविजनल ऑफिसर) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए आयोजक को एक आवेदन फॉर्म भरना होगा, जिसमें शादी का कार्ड, मेहमानों की संख्या और आवश्यक गैस सिलेंडरों का विवरण देना होगा।

आवेदन की समीक्षा के बाद सात दिनों के भीतर संबंधित गैस एजेंसी को सिलेंडर आपूर्ति का निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद आयोजक के घर तक कॉमर्शियल सिलेंडर पहुंचा दिया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शादी या बड़े कार्यक्रमों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि आम उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

उपेंद्र कुमार के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य शादी के सीजन में आम जनता को होने वाली परेशानी से बचाना और सभी के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

नारायण शर्मा जैसे लोगों का कहना है कि नियम थोड़े जटिल जरूर हैं, लेकिन इससे शादी की तारीख बदलने की नौबत नहीं आएगी और मेहमानों का स्वागत बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

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