बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। मार्च की शुरुआत के साथ ही राज्य में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। कई यूक्रेन में तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने राज्य में कई तूफान-तूफान, तेज बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। पश्चिम मेघालय, पूर्वी राज्य हिमाचल प्रदेश, शिवहर, बिहार, मध्य प्रदेश, सुपौल, अररिया और किशनगंज आश्रम में मेघगर्जन के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। इन अवशेषों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की निगरानी से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ इलाको में हल्की बारिश भी हो सकती है।
यहां राज्य की कई प्रमुखताएं मार्च महीने में ही लू जैसे हालात बन गई हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। बस्तर, क्रीड़ा, रोहतास और पटना में गर्मी का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अगर पिछले 24 घंटे की बात करें तो अररिया राज्य के सबसे गर्म जिले के बारे में। फारबिसगंज में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद पूर्णिया दूसरे स्थान पर रहा, जहां तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पिपरा, कैमूर और रेस्टॉरेंट जैसे कुछ देशों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।
विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच मौसम का असर देखने को मिलेगा और 11 मार्च को राज्य के आठवें मंडल में वज्रपात के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि ओडिशा के आसपास के क्षेत्र में खोखली हवा का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक की फोटो खींची गई है। इसी कारण से बंगाल की खाड़ी से जापान की हवाएं पूर्वी भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिससे बिहार और झारखंड के मौसम में बदलाव की संभावना है।
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