पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर घमासान छिड़ गया है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा केरल में चुनाव प्रचार के दौरान बिहार को ‘Poor State’ कहे जाने पर जदयू ने कड़ा विरोध जताया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने इस बयान को निंदनीय और शर्मनाक बताया है।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि केरल की धरती से बिहार और बिहारवासियों का अपमान करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव सत्ता की राजनीति के लिए लगातार ऐसे लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं, जो बिहार की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे नेताओं के साथ मंच साझा किया गया, जिन्होंने बिहार का अपमान किया था।
जदयू नेता ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए उनके परिवार के शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की पहचान ‘बीमारू राज्य’ के रूप में होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास की नई दिशा पकड़ी है।
उन्होंने आंकड़ों के जरिए दावा किया कि बिहार की विकास दर 2004-05 में 7.78 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर करीब 13 प्रतिशत हो गई है। राज्य का बजट भी 23 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। प्रति व्यक्ति आय, साक्षरता दर और गरीबी दर में भी सुधार का दावा किया गया।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि बिहार की साक्षरता दर अब लगभग 79 प्रतिशत तक पहुंच गई है और गरीबी दर में भी गिरावट आई है। उन्होंने तेजस्वी यादव से इस बयान के लिए बिहार की जनता से माफी मांगने की मांग की।
वहीं, तेजस्वी यादव ने केरल के मलप्पुरम जिले के पोन्नानी में एक चुनावी सभा में कहा था कि वे एक ऐसे राज्य से आते हैं, जो देश का सबसे गरीब राज्य है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर बिहार की स्थिति को कमजोर बताया, साथ ही यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार एक दिन केरल जैसा विकसित बने।
